चक्रवात ‘दितवा’ की विनाशलीला, श्रीलंका में मृतकों की संख्या १२० पार, भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सागरबंधु’
चक्रवात ‘दितवा’ के भीषण तांडव से श्रीलंका पूरी तरह तबाह हो गया है। रिकॉर्ड बारिश और कई भूस्खलनों के कारण मृतकों की संख्या १२३ हो गई है, जबकि १३० से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। इस भयावह प्राकृतिक आपदा और बड़े पैमाने पर हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान के कारण श्रीलंका सरकार ने देश भर में आपातकाल की घोषणा कर दी है। इस बीच, पड़ोसी देश की सहायता के लिए नई दिल्ली ने तुरंत ‘ऑपरेशन सागरबंधु’ शुरू कर दिया है।
द्वीपीय राष्ट्र तबाह, चक्रवात भारतीय तट की ओर:
श्रीलंका के मौसम विभाग के महानिदेशक अतुला करुनानायके ने बताया कि द्वीप राष्ट्र में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात ‘दितवा’ धीरे-धीरे दक्षिण भारतीय तट रेखा की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक श्रीलंका में भारी बारिश जारी रहेगी।
देश के आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) द्वारा शनिवार सुबह ९ बजे तक दिए गए आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर १२३ हो गई है और १३० लोग लापता हैं। कई क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण संपर्क कट गया है, जिससे बचाव कार्य बाधित हो रहा है। DMC ने चेतावनी दी है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।
- बादुल्ला में भारी नुकसान: मध्य श्रीलंका के बादुल्ला जिले के मुख्य अधिकारी ने बताया कि इस जिले में कम से कम ४९ लोगों की मौत हुई है और ४१ लोग लापता हैं।
- नुवारा एलिया की स्थिति: नुवारा एलिया जिले में ५० से अधिक लोगों की मौत हुई है।
२९ घंटे का बचाव अभियान:
सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी प्रांत के कालवावा क्षेत्र में तेज जलधारा के कारण एक बस पुल पर फंस गई थी। नौसेना के जवानों ने लगभग २९ घंटे के लंबे अभियान के बाद बस में फंसे ६८ यात्रियों को शनिवार को सुरक्षित बाहर निकाला।
नई दिल्ली का ‘ऑपरेशन सागरबंधु’:
चक्रवात प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए नई दिल्ली ने ‘ऑपरेशन सागरबंधु’ शुरू किया है। राहत सामग्री और अर्धसैनिक बलों को पहुंचाने के लिए दो विमान—सी-१३० और आईएल-७६—तैनात किए गए हैं। भारतीय सेना ने बताया कि श्रीलंका को पहले ही २१ टन राहत सामग्री भेजी जा चुकी है। इसके अलावा, बचाव कार्यों में सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के ८० सदस्य और ८ टन बचाव उपकरण भी भेजे गए हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि १२ टन राहत सामग्री (तंबू, तिरपाल, कंबल, स्वास्थ्य किट और खाद्य पदार्थ) लेकर वायुसेना का सी-१३०जे विमान कोलंबो पहुंच चुका है।