‘संसद में नाटक’ टिप्पणी पर प्रियंका गांधी का पलटवार, ‘देश के अहम मुद्दों पर चर्चा करना अगर नाटक है, तो संसद किसलिए है?’

लोकसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संसद में नाटक न करें’ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने तीखा पलटवार किया है। सोमवार को सत्र के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर कटाक्ष किया था। इसके जवाब में वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि अगर देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, तो संसद का क्या काम है?

महत्वपूर्ण मुद्दों पर हो चर्चा

दिल्ली के वायु प्रदूषण और एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा न होने पर प्रियंका ने पलटकर सवाल किया, “दिल्ली का वायु प्रदूषण, एसआईआर जैसे मुद्दे बहुत बड़े हैं। लोकतंत्र के लिए ये बेहद अहम हैं। इन पर चर्चा होनी चाहिए। नहीं तो संसद किसलिए है? इन मुद्दों को संसद में उठाना या इन पर बात करना कभी नाटक नहीं हो सकता। बल्कि, इन मुद्दों पर चर्चा न होने देना ही नाटक है। लोगों के लिए प्रासंगिक विषयों पर बात न करने देना ही नाटक है।”

उन्होंने आरोप लगाया, “आज शून्य काल में मैंने प्रदूषण का मुद्दा उठाया था, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। क्यों?”

दिल्ली का प्रदूषण ‘शर्मनाक’

दिल्ली के गंभीर वायु प्रदूषण को ‘शर्मनाक’ बताते हुए प्रियंका ने कहा, “दिल्ली हमारी राजधानी है। प्रदूषण के समाधान के लिए राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर हमें कुछ कड़े कदम उठाने चाहिए। इस तरह से हमारे बच्चे कैसे जिएंगे? एक सर्वे के मुताबिक, राजधानी में 22 लाख ऐसे बच्चे हैं जिनके फेफड़े वायु प्रदूषण के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कई वरिष्ठ नागरिकों को अस्थमा की समस्या है और कई सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अस्पताल ऐसे बीमार मरीजों से भरे हुए हैं। क्या हम इस समय चुपचाप बैठे रहेंगे? कुछ नहीं करेंगे? अगर केंद्र सरकार कुछ करती है, तो हम उनका समर्थन करेंगे। केंद्र और राज्य दोनों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती

एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण आज लोकसभा को बार-बार स्थगित करना पड़ा। इस संदर्भ में पत्रकारों के सवालों के जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा, “अगर सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती, तो सदन कैसे चलेगा? हम जो मुद्दे उठा रहे हैं, उनमें से कम से कम किसी एक को तो उन्हें सुनना चाहिए। अगर वे एसआईआर पर चर्चा नहीं करना चाहते हैं, तो चुनावी सुधार या किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। लेकिन वे कोई चर्चा करना ही नहीं चाहते।”

प्रधानमंत्री की मौसम का आनंद लेने वाली टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने सभी को मौसम का आनंद लेने के लिए कहा है। लेकिन दिल्ली के लोग किस तरह के मौसम का आनंद लेंगे? उन्हें अपने दायरे से बाहर निकलकर थोड़ा देखना चाहिए कि देश भर में क्या हो रहा है।”

समाजवादी पार्टी के प्रमुख सांसद अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की ‘नाटक’ वाली टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा, “राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों में लोगों को सपना दिखाते हैं और वादे करते हैं। आज भाजपा पर बिहार के लोगों का बड़ा कर्ज है। वहां अभी सिर्फ 10 हजार रुपये दिए हैं। विपक्ष जो नाटक करता है, हम उन्हें रोकते हैं। हम सिर्फ यह मांग करते हैं कि सरकार अपने लिखित वादों को पूरा करे।”

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