2021 के बाद पुतिन का पहला दौरा, कुडनकुलम परमाणु प्लांट समेत भारत-रूस संबंध में आएगी नई गति


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत का दौरा करेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी और भारत-रूस संबंधों के क्षेत्रीय भू-राजनीतिक आयामों पर गहन चर्चा की जाएगी। पुतिन ने आखिरी बार 2021 में भारत का दौरा किया था।

इस दौरे के दौरान कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। रूसी संसद, ड्यूमा, ने पहले ही भारत के साथ महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों को मंजूरी दे दी है, जो इस यात्रा के महत्व को बढ़ाता है।

मेगा डील्स जिन पर सबकी नजर:

  • सुखोई-57: रूस के अत्याधुनिक सुखोई-57 लड़ाकू विमानों के भारत में सह-उत्पादन (Co-production) पर एक प्रमुख समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल: ब्रह्मोस मिसाइल के एक उन्नत और अधिक शक्तिशाली संस्करण के विकास पर भी बड़ी घोषणा होने की संभावना है।
  • रडार सिस्टम: उन्नत वोरोनेज (Voronezh) जैसे रडार सिस्टम पर भी चर्चा एजेंडे में शामिल है।
  • परमाणु ऊर्जा: ऊर्जा क्षेत्र में, कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी बातचीत होगी।

कूटनीतिक हलकों का मानना है कि यह दौरा भारत-रूस संबंधों के रणनीतिक महत्व को और मजबूत करेगा।

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