बशीरहाट में चौंकाने वाला मामला, माता-पिता के जीवित रहते हुए दूसरे दंपति को ‘अभिभावक’ बताकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराया युवक ने!
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट सीमावर्ती इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक राजू मंडल ने अपने माता-पिता के जीवित होते हुए भी, एक पड़ोसी दंपति का बेटा बनकर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज करा लिया। एन्युमरेशन फॉर्म भरने के दौरान जब उसकी यह ‘करतूत’ खुली तो इलाके में हड़कंप मच गया।
पहचान में हेराफेरी और दंपति हैरान:
आरोप है कि राजू मंडल ने पड़ोसी दंपति महादेव मंडल और उनकी पत्नी नीलिमा के वोटर और आधार कार्ड की जानकारी में हेराफेरी कर, उनकी जानकारी के बिना, यह काम किया। वोटर कार्ड में राजू ने खुद को इस दंपति का बेटा बताया। अपने तीसरे बच्चे के अचानक ‘आगमन’ से महादेव मंडल और नीलिमा स्तब्ध हैं। स्थानीय बीएलओ से संपर्क करने के बाद उन्हें पूरी बात स्पष्ट हुई।
बीएलओ और बीडीओ के पास शिकायत:
पीड़ित दंपति ने राजू मंडल के खिलाफ स्थानीय बीएलओ और बीडीओ के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बुजुर्ग दंपति ने दावा किया है कि राजू उनका बेटा नहीं है, बल्कि इलाके का दामाद है। उन्होंने मांग की है कि राजू जब उनका बेटा ही नहीं है, तो उसे यह पहचान देना उनके अपने दो बच्चों को वंचित करने जैसा होगा। उन्होंने जल्द से जल्द युवक का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की मांग की है।
स्थानीय बीएलओ बापी मंडल ने शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई की जा रही है। आरोपी युवक ने एन्युमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया है और उसकी जांच की जा रही है।
आरोपी युवक की सफाई:
मूल रूप से मुर्शिदाबाद का निवासी राजू मंडल लगभग 18 साल से बशीरहाट में अपने ससुराल में रह रहा है। उसने अपने माता-पिता के जीवित होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, राजू ने सफाई दी है कि उसने चोरी से नहीं, बल्कि दंपति की ‘अपनी इच्छा’ से उनके पहचान पत्र लिए थे। उसने कहा, “अगर कोई स्वेच्छा से दस्तावेज नहीं देता है तो कोई किसी का दस्तावेज कैसे चुरा सकता है? मेरी सास को सब पता है, वह बेहतर बता सकती हैं।” राजू ने बताया कि अपने माता-पिता से संपर्क न होने के कारण उसे दस्तावेज बनाने के लिए ऐसा करना पड़ा।