पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण में नैनो तकनीक, विद्यासागर विश्वविद्यालय में फुलब्राइट स्कॉलर प्रोफेसर सैकत तालुकदार का विशेष व्याख्यान

विद्यासागर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के तत्वावधान में बुधवार को एक विशेष संगोष्ठी (discussion session) आयोजित की गई। इस चर्चा का शीर्षक था “प्रभावी नैनो पोरस और द्वि-आयामी नैनो सामग्री”। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार कर ने संगोष्ठी का उद्घाटन किया। इस सभा में अमेरिका के दक्षिणी इलिनोइस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय में आने वाले पहले फुलब्राइट स्कॉलर, प्रोफेसर सैकत तालुकदार ने अपना वक्तव्य दिया।

धान के पुआल से नैनो कार्बन और CO₂ नियंत्रण:

प्रोफेसर तालुकदार ने अपने व्याख्यान में धान और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एक शोध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धान के पुआल को विशेष विधि से जलाने पर जो नैनो कार्बन प्राप्त होगा, वह वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को अवशोषित करके पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक होगा।

इस संबंध में उन्होंने आईआईटी खड़गपुर के शोध की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह शोध भविष्य में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने द्वि-आयामी नैनो सामग्री के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर भी जोर दिया, और बताया कि यह भविष्य में मानव समाज के लिए विभिन्न तरीकों से उपयोगी हो सकता है।

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