IIT धनबाद में मुखिया-सरपंचों की क्लास! झारखंड के जनप्रतिनिधियों को सिखाई जा रही ड्रोन से खेती और डिजिटल लीडरशिप

झारखंड सरकार के डीओपीआर (कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग) द्वारा आयोजित एक विशेष नेतृत्व और प्रबंधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन आईआईटी धनबाद (आईआईटी-आईएसएम) में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 28 नवंबर तक चलेगा।

इस कार्यक्रम में झारखंड के हर ब्लॉक के मुखिया, ब्लॉक प्रमुख और सरपंच शामिल हैं। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य इन जनप्रतिनिधियों को उनके गांव और ब्लॉक के समग्र विकास के लिए काम करने हेतु सशक्त बनाना है। आईआईटी-आईएसएम के प्रोफेसरों और विशेषज्ञ दल द्वारा प्रतिभागियों को कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास, नेतृत्व कौशल और प्रबंधन रणनीतियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

ट्रेनिंग में शामिल डिजिटल कृषि

गिरिडीह जिले की सरिया ब्लॉक प्रमुख कृति कुमारी ने बताया कि पहले चरण में गिरिडीह, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो के 23 प्रमुखों (पुरुष और महिला) ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सिखाना है कि अपने ब्लॉक और गांव का विकास कैसे करें।

उन्होंने विस्तार से बताया कि इस प्रशिक्षण में डिजिटल युग में खेती को कैसे बढ़ावा दिया जाए और ड्रोन का उपयोग करके पानी या उर्वरक का छिड़काव कैसे किया जाए जैसी तकनीकें शामिल हैं। इन तरीकों को सीखकर, जनप्रतिनिधि अपने गांव और ब्लॉक के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाएंगे, ताकि ग्रामीण भी बेहतर फसल उगाने के लिए इन आधुनिक तरीकों का उपयोग कर सकें।

केंद्र सरकार की पहल

यह कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य ब्लॉक प्रमुखों और सरपंचों को सशक्त बनाना है ताकि वे अपने गांवों के विकास को एक नई दिशा दे सकें। प्रत्येक बैच में लगभग 30 पुरुष और महिला जनप्रतिनिधि शामिल होते हैं। अब तक सैकड़ों ग्राम प्रमुख, सरपंच और ब्लॉक प्रमुख इस प्रशिक्षण में भाग ले चुके हैं।

ज्ञात हो कि आने वाले दिनों में प्रतिदिन लगभग 30 से 90 जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के संचालन के लिए केंद्र सरकार ने विशेष रूप से आईआईटी (आईएसएम) को चुना है, ताकि झारखंड के जनप्रतिनिधियों को वैज्ञानिक और आधुनिक नेतृत्व कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।

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