संसद में सेंट्रल एक्साइज बिल पास, 1000 सिगरेट पर ₹5,000 से ₹11,000 टैक्स! केंद्र ने बढ़ाए तंबाकू उत्पादों के दाम, जानिए वजह
संसद के शीतकालीन सत्र में आज बुधवार को लोकसभा में ध्वनि मत से सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 पास हो गया। यह बिल तंबाकू और तंबाकू से संबंधित ‘सिन गुड्स’ पर उच्च एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रावधान करता है, खासकर 31 मार्च 2026 को जीएसटी कंपेंसेशन सेस समाप्त होने के बाद।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा और पास कराने के लिए यह बिल पेश किया। विपक्षी दलों के नारेबाजी के बीच भी इसे मंजूरी मिल गई। इस कदम के दो मुख्य उद्देश्य हैं: राजस्व की कमी को पूरा करना और जनस्वास्थ्य के हित में तंबाकू जैसे हानिकारक उत्पादों के उपयोग को हतोत्साहित करना।
अचानक बढ़ोतरी क्यों? 2017 में जीएसटी लागू होने पर, केंद्र ने तंबाकू उत्पादों पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी को काफी कम कर दिया था, ताकि क्षतिपूर्ति (कंपेंसेशन) सेस लगाया जा सके और टैक्स का कुल बोझ कम न हो। 31 मार्च 2026 को यह सेस खत्म होने पर तंबाकू पर टैक्स का कुल भार कम हो जाता, क्योंकि जीएसटी की अधिकतम दर केवल 40% है। इस कमी को पूरा करने के लिए एक्साइज ड्यूटी वापस लाई जा रही है, ताकि तंबाकू पर टैक्स का स्तर बना रहे और हानिकारक उत्पादों का इस्तेमाल भी कम हो।
वित्त मंत्री सीतारमण ने पुष्टि की कि राज्यों को क्षतिपूर्ति के लिए लिया गया ₹2.69 लाख करोड़ का कर्ज सेस की आय से अगले कुछ हफ्तों में पूरी तरह चुका दिया जाएगा।
कितना बढ़ेगा दाम? बिल के विवरण के अनुसार, तंबाकू उत्पादों पर अभूतपूर्व दर से कर बढ़ाया जा रहा है:
- सिगरेट और सिगार: प्रति 1000 स्टिक पर एक्साइज ड्यूटी ₹5,000 से बढ़कर ₹11,000 तक लगाई जा सकती है।
- चबाने वाला तंबाकू (जर्दा) और सुगंधित तंबाकू: इन पर भी टैक्स दरें बढ़ाई जा रही हैं, जैसे तंबाकू अपशिष्ट (waste) पर दर 50% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है।
जीएसटी सेस खत्म होने के बाद, ये उत्पाद 28% जीएसटी + कंपेंसेशन सेस के बजाय 40% जीएसटी + नई उच्च एक्साइज ड्यूटी के अधीन होंगे। इसके अलावा, पान मसाला पर भी जीएसटी सेस की जगह एक नया ‘हेल्थ सिक्योरिटी एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस’ लगाने का बिल पेश किया गया है। सीतारमण ने कहा कि यह अतिरिक्त टैक्स जनस्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खर्च होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश के अनुसार, उच्च टैक्स तंबाकू के उपयोग को कम करने में अत्यधिक सहायक होता है।