पुतिन यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार भारत में! 24 घंटे की यात्रा, पर दुनिया को साफ़ संदेश, RELOS समझौते पर लगी मुहर!
नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अपनी पहली भारत यात्रा पर दिल्ली पहुँच चुके हैं। भले ही यह दौरा महज़ 24 घंटे का हो, लेकिन इसका संदेश वैश्विक है: भारत और रूस की दोस्ती पर दुनिया का कोई भी दबाव असर नहीं करता। पुतिन की इस हाई-प्रोफाइल यात्रा से ठीक पहले, रूस की संसद ने भारत के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य समझौते, RELOS (Reciprocal Exchange of Logistics Support), को मंज़ूरी दे दी है।
यह समझौता दोनों देशों के रक्षा संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाएगा। RELOS के तहत, भारत और रूस अब संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, मानवीय मदद और प्राकृतिक आपदा राहत कार्यों के लिए एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस समझौते का सीधा मतलब है कि दोनों देश अब लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल सपोर्ट के मामले में एक-दूसरे के लिए द्वार खोल रहे हैं। यह कदम न केवल दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को मज़बूत करेगा, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत की ‘स्वतंत्र विदेश नीति’ को भी बल देता है। पुतिन का यह दौरा और RELOS समझौते की मंज़ूरी, अंतर्राष्ट्रीय दबावों के बावजूद, भारत-रूस के अटूट रिश्तों की पुष्टि करता है।