जीन थेरेपी से एड्स का ‘व्यक्तिगत’ इलाज! UC San Francisco के शोधकर्ताओं ने खोली भविष्य की राह
एड्स (HIV) का पूरी तरह से इलाज अभी तक संभव नहीं है, लेकिन एक नई उपचार पद्धति ने दुनिया भर में बड़ी उम्मीद जगाई है। सैन फ्रांसिस्को में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया के शोधकर्ताओं ने एड्स से पीड़ित दस मरीज़ों पर एक नई ‘कॉम्बिनेशन थेरेपी’ का इस्तेमाल करके अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस थेरेपी के बाद ये दस मरीज़ पिछले १८ महीनों से किसी भी दवा का सेवन किए बिना स्वस्थ हैं।
शोधकर्ताओं ने कुछ परिचित दवाओं के बजाय, वैक्सीन, इम्यून-एक्टिव दवाएँ और ‘ब्रॉडली न्यूट्रलाइज़िंग एंटीबॉडी’ (BNABs) की विशिष्ट खुराक का उपयोग किया। हालांकि, उन्होंने उपयोग की गई दवाओं या एंटीबॉडी के नाम का खुलासा नहीं किया है। उनका कहना है कि इस थेरेपी के बाद मरीज़ों को किसी अतिरिक्त दवा या अलग थेरेपी की आवश्यकता नहीं पड़ी है, यहां तक कि गंभीर स्थिति वाले मरीज़ भी अब स्वस्थ हैं। १८ महीने तक बिना दवा के स्वस्थ रहना, एड्स के इलाज को संभव बनाने की संभावना को और मजबूत करता है।
नई उपचार और प्रगति:
- कॉम्बिनेशन थेरेपी की सफलता: १० मरीज़ों का १८ महीने तक दवा के बिना स्वस्थ रहना भविष्य में एड्स के पूर्ण उपचार का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
- जीन थेरेपी: जीन सीक्वेंसिंग तकनीक में प्रगति के कारण, बीमारी की आणविक प्रक्रिया को समझना आसान हो गया है और व्यक्तिगत जीन थेरेपी की संभावना बनी है।
हालांकि यह प्रगति बेहद महत्वपूर्ण है, शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि इसे अभी सामान्य नियम नहीं माना जा सकता है। इस नई पद्धति के दीर्घकालिक प्रभावों और सफलता के पीछे के सही कारणों को समझने के लिए और अधिक मरीज़ों पर व्यापक शोध की आवश्यकता है।