पूलकार में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, सीटबेल्ट अनिवार्य! कमर्शियल वाहनों के इस्तेमाल को लेकर आ रहे हैं कड़े नियम
राज्य के विभिन्न हिस्सों में पूलकार दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आरोप है कि कई फिटनेस फेल वाहन अभी भी स्कूल बस या पूलकार के रूप में चल रहे हैं, जिससे पिछले साल के निर्णयों की अनदेखी हो रही है। हाल ही में उलुबेड़िया में हुई घटना के बाद राज्य परिवहन विभाग हरकत में आया है।
परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए पूलकार संगठनों के साथ एक आपातकालीन बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में परिवहन, पुलिस, शिक्षा विभाग और अभिभावकों के साथ मिलकर छात्रों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
वाहन मालिकों और स्कूलों के लिए सख्त दिशानिर्देश:
- वाहन की वैधता: वाहन के वैध कागजात, फिटनेस सर्टिफिकेट और लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य किए जाएंगे।
- सुरक्षा व्यवस्था: गाड़ी में सुरक्षित दरवाजे-खिड़कियां (ताकि हाथ-सिर बाहर न निकलें), बाहर से दिखाई देने वाला शीशा, पर्याप्त रोशनी, बैग रखने की जगह, सीटबेल्ट, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन व्यवस्था होनी चाहिए।
- फिटनेस टेस्ट: पूलकार और बसों के लिए नियमित फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया जा रहा है।
- स्कूल में ट्रांसपोर्ट मैनेजर: प्रत्येक स्कूल में एक ट्रांसपोर्ट मैनेजर नियुक्त किया जाएगा, जो परिवहन संबंधी मामलों में निकटतम परिवहन कार्यालय के संपर्क में रहेगा।
- व्यावसायिक वाहन: स्कूल बस या पूलकार के मामले में अभिभावकों की सलाह पर व्यावसायिक वाहनों का उपयोग करना होगा।
परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं को नियमित अंतराल पर नवीनीकृत किया जाएगा। माना जा रहा है कि ये कदम राज्य के स्कूली छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।