पहले से मिली थी जान से मारने की धमकी, ऑफिस से निकलते ही बदमाशों ने किया पीछा, जांच में जुटी पुलिस!
ज़मीन के स्वामित्व को लेकर हुए विवाद में तमिलनाडु के एक सरकारी वकील की हत्या का आरोप लगा है। यह घटना बुधवार को तमिलनाडु के तेनकासी इलाके में हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक की पहचान मुथुकुमारस्वामी (45) के रूप में हुई है। बताया गया है कि दो बदमाशों ने उनके कार्यालय के पास ही धारदार हथियार से वार कर मुथुकुमारस्वामी की हत्या कर दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ज़मीन से जुड़े एक मामले को लेकर विवाद के कारण मुथुकुमारस्वामी को लंबे समय से कई बार जान से मारने की धमकी दी गई थी।
- हमले का विवरण: बुधवार को ऑफिस से निकलते समय मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनका पीछा किया। मुथुकुमारस्वामी ने भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उन्हें पकड़ लिया और धारदार हथियार से काट कर मौके पर ही उनकी हत्या कर दी।
- जांच: सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मुथुकुमारस्वामी के शव को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या ज़मीन विवाद के कारण हुई है या इसके पीछे कोई अन्य मकसद है।
कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक विवाद
इस घटना के सामने आते ही राज्य में तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (AIADMK) के नेता पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ दल डीएमके (DMK) को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
एक ‘एक्स’ (X) पोस्ट में पलानीस्वामी ने लिखा:
“डीएमके राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है। सार्वजनिक सड़कों पर कभी भी कोई भी मारा जा सकता है। आम जनता से लेकर सरकारी कर्मचारी तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। डीएमके के शासन में तमिलनाडु ‘हत्यारों का स्वर्ग’ बन गया है।”
उन्होंने घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है।