SIR के बीच सनसनीखेज आरोप, निःसंतान भारतीय महिला को ‘मां’ बताकर फर्जी दस्तावेज, बांग्लादेशी नागरिक पर संपत्ति हड़पने की कोशिश

राज्य में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक बांग्लादेशी नागरिक पर एक निःसंतान भारतीय बुजुर्ग महिला की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी बांग्लादेशी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज बनाए और बुजुर्ग महिला को अपनी ‘मां’ बताकर राज्य की सामाजिक योजनाओं, जैसे ‘लक्ष्मी भंडार’ और राशन कार्ड, का लाभ भी ले रहा है।

पीड़ित बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया है कि वह व्यक्ति फर्जी पहचान और दस्तावेजों का उपयोग करके उनकी संपत्ति हड़पने की फिराक में है। इस गंभीर जालसाजी के सामने आने के बाद, महिला ने मांग की है कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके और आरोपी व्यक्ति के सभी दस्तावेजों और पहचान की सख्ती से जांच की जाए।

बुजुर्ग महिला का कहना है कि अगर मतदाता सूची संशोधन के दौरान इन फर्जी पहचानों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है, तो संपत्ति के अधिकार से संबंधित उनकी समस्या हल हो सकती है। मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राज्य में पहले भी कई जालसाजी और गलत जानकारी के आरोप सामने आ चुके हैं, लेकिन यह मामला इस मुद्दे को एक नया मोड़ देता है। प्रशासन और निर्वाचन आयोग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

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