हजारीबाग जमीन घोटाला, ACB की सबसे बड़ी कार्रवाई, 8 लोग गिरफ्तार! पूर्व DC विनय चौबे से पूछताछ के बाद एक्शन
सरकारी ज़मीन की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में शनिवार को बड़ी कार्रवाई की गई। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हजारीबाग एसीबी के एसीपी आरिफ एकराम ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सभी गिरफ्तारियाँ हजारीबाग में वन भूमि घोटाले से जुड़ी हैं। सभी आरोपियों से लंबी पूछताछ की गई और सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियाँ की गईं। यह कार्रवाई एसीबी की चल रही गहन जाँच का परिणाम है।
पूछताछ और साज़िश:
मिली जानकारी के अनुसार, इन गिरफ्तारियों को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। शनिवार को एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में बकासपुरा के हाजी कलां, शिवपुरी के जय प्रकाश यादव, मुकुंदगंज के प्रेम साव, मुकुंदगंज में राहुल हार्डवेयर के इंद्र साव, बभनवै के शशि शेखर, संजय, मुकुंदगंज के सत्यनारायण साव और छत्रु प्रजापति शामिल हैं।
यह कार्रवाई जेल में बंद हजारीबाग के तत्कालीन उपायुक्त (DC) विनय चौबे से एसीबी द्वारा पिछले दो दिनों से की जा रही पूछताछ के बाद की गई है।
मामले में शामिल अन्य प्रमुख लोग:
वन भूमि घोटाले मामले में अब तक तीन प्रमुख लोग जेल में हैं, जिनमें विनय चौबे, कार शोरूम मालिक विनय सिंह और सदर ब्लॉक के तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार शामिल हैं। तत्कालीन अंचल अधिकारी अलका कुमारी सरकारी गवाह बन गई हैं।
क्या है आरोप?
आरोप है कि कुछ लैंड माफिया सदस्यों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सरकारी जमीन (जिसमें भूदान आंदोलन के तहत दान की गई जमीन, जंगल की जमीन, चारागाह की जमीन और अन्य सरकारी और निजी जमीन शामिल है) को अवैध रूप से खरीदा और बेचा और बाद में अपने नाम पर रजिस्टर करवा लिया।
इस मामले में कुल 73 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से 68 लोगों के नाम एफआईआर में हैं। यह केस प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट केस नंबर 11/2025 के तहत 25 सितंबर 2025 को दर्ज किया गया था।
एसीबी टीम अब इस घोटाले में शामिल अन्य आरोपी व्यक्तियों के जमीन के दस्तावेजों की फोरेंसिक जाँच करने की तैयारी कर रही है।