RTE कानून में 3-6 साल के बच्चे भी? संसद में सुईधा मूर्ति का बड़ा प्रस्ताव, मोदी सरकार की बढ़ेगी चुनौती

राज्यसभा सांसद और इन्फोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने हाल ही में उच्च सदन में ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) कानून में संशोधन के लिए एक निजी सदस्य संकल्प (Private Member Resolution) प्रस्तुत किया है। इस प्रस्ताव में अनिवार्य शिक्षा की आयु सीमा को 6-14 वर्ष से घटाकर 3-14 वर्ष करने की मांग की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का लगभग 85% मानसिक विकास 3 से 6 वर्ष की आयु के बीच होता है, इसलिए उनके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आवश्यक है। उनका मानना है कि इस बदलाव के लिए सरकार को नए स्कूल और अतिरिक्त बुनियादी ढाँचा स्थापित करना होगा।
इससे पहले, 9 दिसंबर को सुधा मूर्ति ने प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य करने का आग्रह किया था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत के ऐतिहासिक महत्व और प्रेरणादायक भूमिका को याद किया। उनके अनुसार, नई पीढ़ी को इस गीत के महत्व से जोड़े रखने और इसका पूरा पाठ न भूलने देने के लिए इसे शिक्षा प्रणाली में शामिल करना बेहद ज़रूरी है। इन दो महत्वपूर्ण मांगों पर अब मोदी सरकार को विचार करना होगा।