गलत डोरमैट बिछाना पड़ सकता है भारी? मुख्य द्वार पर कैसा होना चाहिए ‘वेलकम’ मैट

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार पर बिछाया गया डोरमैट केवल सजावट नहीं, बल्कि घर में ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करता है। सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए डोरमैट का रंग और आकार सही होना आवश्यक है। मुख्य द्वार पर ‘वेलकम’ लिखा डोरमैट शुभ माना जाता है, क्योंकि यह मेहमानों के प्रति सम्मान और शुद्ध, स्वागत योग्य ऊर्जा का प्रतीक है। इससे घर के आसपास सकारात्मकता बढ़ती है, जो शांति, प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देती है।
वास्तु के अनुसार, डोरमैट के रंगों का खास महत्व है। पृथ्वी तत्व का रंग होने के कारण भूरा रंग नकारात्मकता कम करने के लिए अच्छा है। ताजगी, वृद्धि और समृद्धि का प्रतीक हरा रंग सबसे शुभ माना जाता है। उत्तर या उत्तर-पूर्वमुखी दरवाजे के लिए पीला और दक्षिण या पूर्वमुखी दरवाजे के लिए काला डोरमैट उपयुक्त होता है। हालांकि, काले डोरमैट पर ‘वेलकम’ या कोई शुभ चिह्न नहीं होना चाहिए। आयताकार डोरमैट को सबसे शुभ आकार माना गया है।