महाराष्ट्र की राजनीति में RSS फोकस, नागपुर में हेडगेवार स्मारक पहुंचे शिंदे-फडणवीस, अजित पवार फिर रहे गैरमौजूद
महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच, 14 दिसंबर, शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सत्ताधारी बीजेपी एवं शिवसेना के अन्य विधायकों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक के.बी. हेडगेवार के स्मारक का दौरा किया। मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे ने रेशमबाग स्थित स्मृति मंदिर में हेडगेवार और आरएसएस नेता एम.एस. गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
NCP विधायकों की अनुपस्थिति:
उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित NCP के एक भी विधायक ने इस दौरे में हिस्सा नहीं लिया। पिछले साल भी जब बीजेपी और शिवसेना विधायकों ने स्मृति मंदिर का दौरा किया था, तब भी अजित पवार अनुपस्थित थे, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज़ हैं।
विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर, परिषद के चेयरमैन राम शिंदे और कई अन्य बीजेपी और शिवसेना विधायक भी स्मारक पर पहुंचे थे।
‘नागपुर RSS की जन्मभूमि’: शिंदे
स्मृति मंदिर के दौरे के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “जब भी हम नागपुर आते हैं, हम हमेशा स्मृति मंदिर जाते हैं। यहाँ का दौरा देशभक्ति की भावना और प्रेरणा पैदा करता है, और उसी के आधार पर हमें समाज सेवा करने की शक्ति मिलती है।”
उन्होंने आगे कहा कि नागपुर आरएसएस की जन्मभूमि भी है। उन्होंने हेडगेवार द्वारा आरएसएस की स्थापना की शताब्दी पूरी होने का जिक्र करते हुए कहा:
“यहीं 100 साल पहले केशव बलिराम हेडगेवार ने आरएसएस की स्थापना की थी… यह एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आगे बढ़ा रहे हैं, और देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने भी इसी आरएसएस शाखा में शामिल होकर प्रगति की है। यह हमारे लिए भी बहुत प्रेरणादायक है।”
महाराष्ट्र के मंत्री पंकज राजेश भोयर और बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष चित्रा किशोर वाघ ने भी कहा कि यह स्थान उन्हें प्रेरित करता है और वे यहां से जनसेवा करने का तरीका सीखते हैं।