समुद्र में सीधी शक्ति का प्रदर्शन, वेनेजुएला के टैंकर को पकड़ने के बाद अब हिंद महासागर में US सक्रिय, ट्रंप की ‘आर्थिक नस’ दबाने की नीति

चीन और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य नजदीकी के बीच, अमेरिका ने अब हिंद महासागर में एक अत्यंत गुप्त सैन्य अभियान चलाकर सीधे अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है। इस ऑपरेशन में श्रीलंका के तट से कुछ सौ किलोमीटर दूर चीन से ईरान जा रहे एक जहाज को रोका गया और संवेदनशील हथियार से जुड़े उपकरण जब्त किए गए।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में अमेरिकी विशेष अभियान बलों ने इस जहाज पर छापा मारा। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जहाज में ऐसे सैन्य उपकरण थे जिनका इस्तेमाल ईरान अपने पारंपरिक हथियार कार्यक्रमों में कर सकता था। जब्त किए गए सभी उपकरणों को बाद में नष्ट कर दिया गया, और जहाज को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को लागू करने के लिए उठाया गया।
वेनेजुएला का टैंकर जब्त, अमेरिका बढ़ा रहा दबाव
हिंद महासागर में इस गुप्त अभियान के कुछ ही हफ्तों बाद, अमेरिका ने वेनेजुएला के तट पर एक और बड़ा कदम उठाया और एक विशाल वेनेजुएला तेल टैंकर को जब्त कर अमेरिका ले आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं, क्योंकि प्रशासन का मानना है कि प्रतिबंधों के बावजूद तेल निर्यात मादुरो सरकार की सबसे बड़ी आर्थिक मदद बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की इस तरह की कार्रवाइयों के खिलाफ मादुरो के पास जवाबी कार्रवाई के विकल्प बेहद सीमित हैं। वेनेजुएला में सीमित लाइसेंस के तहत काम कर रही अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन मादुरो सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए, मादुरो का कोई भी आक्रामक कदम सीधे उनकी अपनी नाजुक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा। सैन्य रूप से भी, वेनेजुएला अमेरिकी नौसेना का विरोध करने में असमर्थ है।
चीन से ईरान और वेनेजुएला तक फैले ये अभियान स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि अमेरिका अब सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि समुद्र में सीधी सैन्य कार्रवाई के माध्यम से अपने विरोधियों की आर्थिक और सैन्य नसों को दबाने की रणनीति अपना रहा है। ईरान या चीन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।