तत्काल टिकट बुकिंग में अब आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य, 322 ट्रेनों में लागू हुआ सख्त नियम

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने ट्रेन टिकटों की बुकिंग में, खासकर तत्काल बुकिंग में धोखाधड़ी और धांधली रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नियमों को और सख्त करते हुए रेलवे ने घोषणा की है कि OTP वेरिफिकेशन के बिना अब तत्काल टिकट ऑनलाइन बुक नहीं किया जा सकेगा। वर्तमान में, देश की 322 ट्रेनों में तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है।
हाल ही में संसद में भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग सिस्टम पर सवाल उठाया गया था। जिसके जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बुकिंग सिस्टम में सख्ती लाने के लिए तत्काल बुकिंग में आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन शुरू किया गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों में लागू किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने आगे जानकारी दी कि 4 दिसंबर तक देश की 322 ट्रेनों में आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, IRCTC के सभी अकाउंट्स का वेरिफिकेशन और रीवैलिडेशन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 3.02 करोड़ से अधिक संदिग्ध अकाउंट IDs को डीएक्टिवेट कर दिया गया है।
टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी को रोकने के लिए अकामाई (Akamai) जैसे एंटी-बॉट टूल भी लगाए गए हैं, जो ऑटोमेटेड स्क्रिप्ट्स को ब्लॉक करते हैं। साथ ही, संदिग्ध PNRs के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। रेल मंत्री ने दावा किया कि इन सख्त कदमों के कारण अब 96 ट्रेनों में तत्काल बुकिंग में टिकट कन्फर्मेशन 95% तक पहुंच गया है, यानी 95% ग्राहकों को कन्फर्म टिकट मिल रहे हैं।
आधार OTP वेरिफिकेशन सिस्टम क्या है? इस नए नियम के तहत, तत्काल टिकट बुक करने के लिए IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक किए गए फ़ोन नंबर की आवश्यकता होगी, क्योंकि बुकिंग का OTP उसी नंबर पर आएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दलालों द्वारा बॉट या फर्जी अकाउंट का उपयोग करके की जाने वाली बुकिंग को रोकना है।