कोलकाता के नाइट क्लबों पर नकेल कसने में क्यों मजबूर है निगम? मेयर ने खुद किया बड़ा खुलासा!

कोलकाता के नाइट क्लबों पर नकेल कसने में क्यों मजबूर है निगम? मेयर ने खुद किया बड़ा खुलासा!

गोवा के नाइट क्लब में लगी भीषण आग के बाद कोलकाता के कमर्शियल क्लबों और रूफटॉप रेस्तरां की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को निगम के सत्र में मेयर फिरहाद हकीम ने स्वीकार किया कि कानूनी अड़चनों के कारण निगम इन संस्थानों को नियंत्रित करने में असमर्थ है। शहर में 240 कमर्शियल क्लब पंजीकृत हैं, लेकिन नाइट क्लबों का कोई डेटा निगम के पास उपलब्ध नहीं है।

मेयर ने स्पष्ट किया कि निगम केवल ट्रेड लाइसेंस और बिल्डिंग नियमों की जांच कर सकता है। पुलिस, फायर सेफ्टी और आबकारी लाइसेंस जैसे मामलों में निगम का कोई हस्तक्षेप नहीं है। मेछुआ अग्निकांड के बाद सख्त नियमों की कोशिश की गई थी, लेकिन कानूनी सीमाओं के कारण प्रशासन के हाथ बंधे हुए हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

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