आदित्य धर की ‘धुरंधर’: खतरनाक एक्शन या सोची-समझी प्रोपेगेंडा?

आदित्य धर की ‘धुरंधर’: खतरनाक एक्शन या सोची-समझी प्रोपेगेंडा?

आदित्य धर की नई फिल्म ‘धुरंधर’ दर्शकों को अपनी कुर्सी से चिपके रहने पर मजबूर कर रही है। कराची के गैंग वार और भारतीय जासूसों के मिशन पर आधारित यह स्पाई थ्रिलर साढ़े तीन घंटे का एक जबरदस्त अनुभव है। रणवीर सिंह का गंभीर लुक, अक्षय खन्ना का स्वैग और आर. माधवन की दमदार अदाकारी ने फिल्म को खास बना दिया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और एक्शन सीन वाकई अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।

हालांकि, फिल्म के कुछ संवाद और राजनीतिक संकेत विवाद की जड़ बन सकते हैं। “हिंदुस्तानी ही हिंदुस्तानियों के दुश्मन हैं” जैसे डायलॉग्स और पिछले शासनकाल पर टिप्पणियां फिल्म को एक प्रोपेगेंडा की ओर मोड़ती नजर आती हैं। निर्देशक ने बड़ी चतुराई से मनोरंजन और संदेश के बीच के अंतर को धुंधला कर दिया है। इसे एक ‘खतरनाक’ रूप से सुंदर फिल्म कहा जा सकता है, जिसका अगला भाग २०२६ में आएगा।

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