‘नाम समझ नहीं आता, काम में गारंटी नहीं’, नए रोजगार बिल पर पी. चिदंबरम ने उठाए गंभीर सवाल।

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संसद में पारित ‘VB-G-RAM-G’ बिल को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस योजना में किए गए बदलाव महात्मा गांधी की यादों को मिटाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है। चिदंबरम ने इसे “महात्मा गांधी की दूसरी बार हत्या” करार देते हुए कहा कि यह नया कानून अब कोई ‘गारंटी’ योजना नहीं रह गया है।

उन्होंने योजना के नाम की आलोचना करते हुए कहा कि यह न तो सही अंग्रेजी है और न ही भारतीय भाषा, बल्कि केवल रोमन लिपि में लिखा गया हिंदी शब्द है। चिदंबरम ने चेतावनी दी कि नई नीति के तहत केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 के अनुपात में खर्च साझा करने से गरीबों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा, “अगर सरकार किसी जिले को ‘काम नहीं’ वाला क्षेत्र घोषित कर देती है, तो गरीब रोजगार की मांग भी नहीं कर पाएंगे।”

चिदंबरम ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे MGNREGA का बजट लगातार कम किया गया है और करोड़ों परिवारों का वेतन बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 2014 से पहले के भारत के इतिहास को मिटाना चाहती है। जवाहरलाल नेहरू के बाद अब निशाना महात्मा गांधी हैं। उनके अनुसार, गरीबों का सुरक्षा जाल छीनने वाली इस सरकार को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

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