बांग्लादेश में दरिंदगी, 7 साल की बच्ची को घर में बंद कर जिंदा जलाया, राजनीतिक हिंसा ने ली मासूम की जान

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में जारी हिंसा ने अब एक मासूम की जान ले ली है। लक्ष्मीपुर जिले के भवानीगंज में आधी रात को उपद्रवियों ने बीएनपी नेता बेलाल हुसैन के घर को निशाना बनाया। आरोप है कि हमलावरों ने बाहर से दरवाजा बंद कर पूरे घर में आग लगा दी, जिससे बेलाल की 7 वर्षीय बेटी आयशा अख्तर की जिंदा जलकर मौत हो गई।

इस दिल दहला देने वाली घटना में बेलाल की दो अन्य बेटियां, सलमा (16) और सामिया (14) भी बुरी तरह झुलस गई हैं और ढाका में उनका इलाज चल रहा है। बेलाल की मां ने बताया कि रात करीब 1 बजे जब आग की लपटें दिखीं, तो बाहर से दरवाजा बंद होने के कारण परिवार अंदर ही फंस गया था। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़कर कुछ लोग बाहर निकल पाए, लेकिन नन्ही आयशा को नहीं बचाया जा सका।

उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत के बाद से ही ढाका सहित कई इलाकों में दंगे, आगजनी और तोड़फोड़ जारी है। उपद्रवियों ने ‘प्रथम आलो’ और ‘डेली स्टार’ जैसे मीडिया हाउसों पर भी हमला किया है। हालांकि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने देशव्यापी शोक की घोषणा की है, लेकिन कई जिलों में सांप्रदायिक हिंसा और अशांति अब भी नियंत्रण से बाहर है।

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