अजमेर शरीफ में पीएम मोदी की चादर पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, जानें अदालत ने क्या कहा

अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा हर साल चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह और विष्णु गुप्ता द्वारा दायर इस याचिका में उर्स के दौरान चादर चढ़ाने पर रोक की मांग की गई थी। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की वेकेशन बेंच ने स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई दिसंबर के अंत में की जाएगी।
दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दरगाह पर चादर पेश करने की तैयारी में हैं। रिजिजू ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह परंपरा देश की खुशहाली और तरक्की की दुआ के लिए है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। फिलहाल कोर्ट की ओर से कोई रोक नहीं होने के कारण दरगाह पर चादर चढ़ाने की रस्में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।