२०२७ के चुनाव से पहले ‘आरक्षण’ का दांव! योगी सरकार पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला- “बीजेपी ने लूटे पद”

उत्तर प्रदेश में २०२७ के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे पर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश ने आरोप लगाया है कि पिछले पांच वर्षों में यूपी में हुई भर्तियों में ओबीसी (OBC), एससी (SC) और एसटी (ST) यानी पीडीए (PDA) वर्ग के अधिकारों का गला घोंटा गया है।
अखिलेश का विस्फोटक ‘X’ पोस्ट अखिलेश यादव ने ‘आरक्षण की लूट’ शीर्षक से एक पोस्टर साझा करते हुए दावा किया कि पिछली चार प्रमुख भर्तियों में ३०,००० से अधिक पीडीए पदों की हेराफेरी की गई है। उनके द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- ६९००० सहायक शिक्षक भर्ती (२०१९): ३४,৫০০ आरक्षित पदों के बजाय केवल ५,१६১ पद दिए गए। लगभग २९,३३৯ पदों की लूट का आरोप।
- राजस्व लेखपाल भर्ती (२०२५): ३,९৯৭ आरक्षित पदों के मुकाबले सिर्फ ३,०३७ पद भरे गए।
- बांदा कृषि विश्वविद्यालय और सहकारी बैंक: इन भर्तियों में भी आरक्षित कोटे की अनदेखी का दावा किया गया है।
‘NFS’ फार्मूले पर तकरार सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ (NFS) जैसे अवैध फार्मूले का उपयोग कर योग्य आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बाहर कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल जनता को गुमराह करने के लिए कमेटियां बनाती है, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अखिलेश ने अब इस मामले को सीधे अदालत में चुनौती देने और सड़कों पर संघर्ष करने का ऐलान किया है। २०२७ से पहले यूपी की राजनीति में आरक्षण अब सबसे बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।