उन्नाव पीड़िता का उड़ाया मजाक! यूपी के मंत्री ओपी राजभर की संवेदनहीन हंसी पर मचा बवाल

उन्नाव गैंगरेप मामले के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित होने के बाद देशभर में आक्रोश है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री ओ.पी. राजभर ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने संवेदनशीलता की सारी हदें पार कर दी हैं। दिल्ली के इंडिया गेट पर जब पीड़िता और उसके परिवार को पुलिस ने घसीटकर हटाया, तो उस घटना पर दुख जताने के बजाय मंत्री राजभर पत्रकारों के सामने हंसते हुए नजर आए।
मंत्री की हंसी और बेतुका तर्क मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर को जमानत दे दी, जिसके खिलाफ पीड़िता इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रही थी। बुधवार को जब पत्रकारों ने राजभर से पूछा कि पीड़िता को वहां से हटाया गया है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “लेकिन उसका घर तो उन्नाव में है, ही-ही-ही…”। एक रेप पीड़िता के दर्द का इस तरह सार्वजनिक मजाक उड़ाने पर विपक्षी दलों और महिला संगठनों ने राजभर के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
पीड़िता का दर्द: “यह फैसला हमारे लिए काल है” इंडिया गेट के पास से जबरन हटाए जाने के बाद पीड़िता ने कहा कि वह आत्महत्या करना चाहती थी, लेकिन परिवार के लिए रुक गई। उसने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को अपने परिवार के लिए ‘मौत’ का फरमान बताया। पीड़िता ने सवाल उठाया कि अगर इतने बड़े अपराधी को जमानत मिल जाएगी, तो बेटियां सुरक्षित कैसे रहेंगी? अब उसने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।
कोर्ट का फैसला और सेंगर की स्थिति दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए १५ लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। हालांकि, कोर्ट ने शर्त रखी है कि वह पीड़िता के ५ किमी के दायरे में नहीं आएगा। लेकिन १० साल की एक अन्य सजा (पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ) के कारण सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेगा। राजभर के इस अपमानजनक बयान ने योगी सरकार को भी असहज स्थिति में डाल दिया है।