झऊवन में पिकनिक का मजा न बन जाए सजा! पर्यटकों के लिए रेड अलर्ट, इन चीजों पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

नया साल २०२६ मनाने के लिए बंगाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दीघा में पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा है। समुद्र तट के किनारे झऊवन (Causuarina forest) में पिकनिक मनाना हर किसी की पहली पसंद है। लेकिन इस खुशी के बीच आग लगने का खतरा भी मंडरा रहा है। पर्यटकों की लापरवाही के कारण अतीत में कई बार इन जंगलों में भीषण आग लग चुकी है। इसे देखते हुए वन विभाग ने इस बार पहले से ही कमर कस ली है और पर्यटकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है।
वन विभाग के अनुसार, जंगल के अंदर कहीं भी खुले में आग जलाना खतरनाक हो सकता है। पिकनिक के बाद आग को पूरी तरह बुझाना अनिवार्य है। जलती हुई बीड़ी या सिगरेट को सूखे पत्तों पर फेंकना कानूनी अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, कांच की बोतलें और प्लास्टिक कचरा फैलाने पर भी पाबंदी है। कांच के टुकड़े सूरज की रोशनी में लेंस की तरह काम करते हैं, जिससे सूखे पत्तों में आग लग सकती है। विभाग ने एंट्री गेट पर बड़े-बडे पोस्टर लगाकर और लीफलेट्स बांटकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
कांति रेंज के फॉरेस्ट ऑफिसर अतुल प्रसाद दे ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और प्रकृति का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की टीम सादी वर्दी में तैनात है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। दीघा आने वाले पर्यटकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी के साथ पिकनिक मनाएं और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।