भारत विरोध के बीच चावल संकट दूर करने के लिए फिर भारत की शरण में बांग्लादेश

बांग्लादेश में भारत विरोधी नारों और बहिष्कार की अपीलों के बावजूद यूनुस सरकार ने देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत से मदद मांगी है। ढाका ने भारतीय कंपनी बगड़िया ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड से 50,000 टन गैर-बासमती उबले चावल आयात करने को हरी झंडी दे दी है। इस सौदे के तहत करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से चावल की खेप बांग्लादेश पहुंचेगी ताकि स्थानीय बाजारों में कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
पिछले कुछ समय से प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू करने के लिए भी बांग्लादेश को भारत पर ही निर्भर रहना पड़ा था। हालांकि पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों से आयात की कोशिशें की गईं, लेकिन वे विफल रहीं। अब चावल की इस बड़ी खरीद ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक तनाव के बीच भी बांग्लादेश के लिए अपनी जरूरतों को पूरा करने हेतु भारत का विकल्प फिलहाल सीमित है।