रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग 3.84 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स के साथ राजनाथ सिंह ने बदली सेना की तस्वीर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में वर्ष 2025 भारत की सैन्य शक्ति के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी देकर देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिसंबर 2025 तक आधुनिकीकरण बजट का 80 प्रतिशत हिस्सा खर्च किया जा चुका है और 1.82 लाख करोड़ रुपये के नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन सुधारों का मुख्य केंद्र स्वदेशीकरण और सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
मंत्रालय ने निजी क्षेत्र और एमएसएमई को रक्षा उत्पादन से जोड़कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति दी है। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए ‘ई-सेहत’ टेलीमेडिसिन और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए घर-घर दवा वितरण सेवा शुरू की गई है। 31.69 लाख पेंशनभोगियों को ‘स्पर्श’ पोर्टल से जोड़कर डिजिटल सिस्टम को सशक्त बनाया गया है। ये व्यापक बदलाव विजन 2047 की ओर बढ़ते भारत की एक आधुनिक, एकीकृत और शक्तिशाली रक्षा प्रणाली के निर्माण का स्पष्ट संकेत हैं।