बिना गारंटी वाले लोन पर आरबीआई का बड़ा अलर्ट युवाओं में बढ़ रहा है कर्ज न चुकाने का ट्रेंड

भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट ने बैंकिंग सिस्टम में बढ़ते अनसिक्योर्ड लोन के जोखिम पर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल रिटेल लोन डिफॉल्ट का ५३.१% हिस्सा पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड जैसे बिना गारंटी वाले लोन से जुड़ा है। प्राइवेट बैंकों के मामले में यह आंकड़ा ७६% तक पहुंच गया है। वर्तमान में क्रेडिट कार्ड का बकाया २.९२ लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे एनपीए बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि २५ साल से कम उम्र के युवा सबसे ज्यादा डिफॉल्टर बन रहे हैं। फिनटेक ऐप्स के जरिए आसानी से मिलने वाले कर्ज और ४२% तक की ऊंची ब्याज दरों ने युवाओं को कर्ज के जाल में फंसा दिया है। विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में १०,००० रुपये से कम के लोन में सबसे ज्यादा डिफॉल्ट देखे जा रहे हैं। आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इस बढ़ते जोखिम के प्रति कड़ी चेतावनी जारी की है।