शूर्पणखा की उस एक चेतावनी से रावण को हुआ श्रीहरि के अवतार लेने का आभास

शूर्पणखा की उस एक चेतावनी से रावण को हुआ श्रीहरि के अवतार लेने का आभास

महापंडित रावण त्रिलोक विजेता होने के साथ ही जानता था कि उसका अंत भगवान विष्णु के हाथों ही संभव है। जब लक्ष्मण ने पंचवटी में शूर्पणखा की नाक काट दी, तब उसने लंका लौटकर रावण से कहा कि मेरी नाक तो कट गई, अब तुम अपनी नाक बचा लेना। इस घटना ने रावण को झकझोर कर रख दिया और उसे ईश्वरीय शक्ति का आभास होने लगा।

जब शूर्पणखा ने बताया कि राम ने खर और दूषण जैसे बलशाली योद्धाओं का अकेले ही वध कर दिया है, तब रावण को विश्वास हो गया कि भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार ले लिया है। रामचरितमानस के अनुसार, रावण समझ गया था कि साधारण मानव इन राक्षसों को नहीं मार सकता। इसी क्षण उसने जान लिया कि उसका अंत अब निकट है।

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