रक्षा बजट में ढाई गुना बढ़ोतरी फिर भी क्या चीन की ड्रैगन आर्मी से पीछे है भारत

पिछले एक दशक में भारत का रक्षा बजट २.२९ लाख करोड़ से बढ़कर ६.२१ लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिससे भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बन गया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों के उत्पादन और निर्यात में तेजी आई है। हालांकि, बजट का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पेंशन में चले जाने के कारण आधुनिक हथियारों और नई तकनीकों के लिए पूंजीगत व्यय आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
वैश्विक स्तर पर चीन का रक्षा बजट भारत से तीन गुना अधिक है और वह एआई एवं साइबर युद्ध जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिससे भारत की विदेशी निर्भरता उजागर हुई है। भविष्य की जंग के लिए भारत को केवल बजट बढ़ाने के बजाय जेट इंजन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी, जो देश की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए अनिवार्य है।