टैक्सी ड्राइवर बना ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड, पंजाब पुलिस ने तोड़ा पाकिस्तान का ‘खालिस्तानी’ नेटवर्क

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नशामुक्त पंजाब अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) ने सीमा पार से चल रहे एक बड़े नारको-टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मॉड्यूल के मुख्य वित्तीय प्रबंधक, 22 वर्षीय सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया है। डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, सतनाम पाकिस्तान में बैठे ड्रग तस्करों के इशारे पर करोड़ों रुपयों का हेरफेर कर रहा था।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सतनाम सिंह पहले एक प्राइवेट कंपनी में टैक्सी चलाता था। जून 2024 में वह टूरिस्ट वीजा पर अजरबैजान गया, जहाँ उसकी मुलाकात पाकिस्तानी तस्करों से हुई। सितंबर 2025 में भारत लौटने के बाद, वह कमीशन के बदले ड्रग मनी को ठिकाने लगाने लगा। इस नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा से भगोड़े सैनिक राजबीर सिंह उर्फ ‘फौजी’ को दबोचा। राजबीर सेना छोड़कर तस्करी की दुनिया में शामिल हो गया था।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह नेटवर्क सिर्फ हेरोइन तस्करी तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े हैं। सतनाम अपने बैंक खातों और UPI का इस्तेमाल आतंकियों को फंडिंग पहुंचाने के लिए कर रहा था। एआईजी दीपक पारिक ने कहा कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आने वाले दिनों में इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े नामों की गिरफ्तारी संभव है।