पत्रकारिता के एक स्वर्ण युग का अंत, 90 वर्ष की आयु में दिग्गज पत्रकार मार्क टली का निधन

दिग्गज पत्रकार और भारत के गहरे जानकार सर मार्क टली का रविवार को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। 90 वर्षीय टली पिछले कुछ समय से बीमार थे और साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। उनके पुराने सहयोगी और वरिष्ठ पत्रकार सतीश जैकब ने उनके निधन की पुष्टि की है। 1935 में कोलकाता में जन्मे मार्क टली ने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से दशकों तक भारत के हर उतार-चढ़ाव को दुनिया के सामने रखा।
बीबीसी के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख के रूप में 22 वर्षों तक सेवा देने वाले मार्क टली अपनी निष्पक्ष और बेबाक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते थे। 1975-77 के आपातकाल के दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार की नीतियों के खिलाफ जो साहसी रिपोर्टिंग की, उसने उन्हें हर भारतीय घर में एक जाना-पहचाना नाम बना दिया था। पत्रकारिता और साहित्य में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2005 में ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया था, जबकि 2002 में उन्हें ब्रिटेन में ‘नाइटहुड’ की उपाधि मिली थी।
टली केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक शानदार लेखक और रेडियो प्रस्तोता भी थे। बीबीसी रेडियो 4 का उनका शो “समथिंग अंडरस्टूड” और भारतीय रेलवे पर बनी उनकी डॉक्यूमेंट्रीज आज भी मील का पत्थर मानी जाती हैं। उनके निधन से न केवल पत्रकारिता जगत बल्कि साहित्य जगत को भी अपूरणीय क्षति हुई है। वे एक ऐसे ब्रिटिश थे जिन्होंने दिल से खुद को हमेशा भारतीय माना।