भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता अब अंतिम चरण में दो अरब लोगों के लिए खुलेगा बाजार

भारत और यूरोपीय संघ के बीच पिछले १९ वर्षों से चल रही मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच होने वाली बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। इस समझौते के लागू होने से भारत में यूरोपीय कारों, वाइन और अन्य विलासिता की वस्तुओं पर आयात शुल्क में भारी कटौती होगी, जिससे इनके दाम कम हो जाएंगे।
यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाले दो अरब लोगों का एक विशाल बाजार तैयार करेगा। विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे २४ में से २० प्रमुख अध्यायों पर सहमति बन चुकी है, हालांकि संवेदनशील कृषि क्षेत्र को इससे अलग रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समझौते को चीन और अमेरिका पर निर्भरता कम करने की दिशा में भारत की एक बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।