Budget 2026: बजट भाषण के बीच धराशायी हुए सरकारी बैंक! PSU बैंक इंडेक्स 7% लुढ़का, निवेशकों के डूबे करोड़ों

केंद्रीय बजट 2026 की घोषणाओं ने सरकारी बैंकों (PSU Banks) के निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। रविवार को विशेष सत्र के दौरान शेयर बाजार में पीएसयू बैंक इंडेक्स 7 प्रतिशत तक टूट गया। इंडेक्स में शामिल सभी 12 सरकारी बैंकों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में सबसे बड़ी 6 फीसदी की गिरावट देखी गई, वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI), यूनियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर भी 4 से 5 प्रतिशत तक नीचे गिर गए।

क्यों आई यह ऐतिहासिक गिरावट? इस भारी गिरावट के पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा किया गया एक बड़ा ऐलान है। बजट में घोषणा की गई है कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान बाजार से रिकॉर्ड 17.2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। बाजार को इतने बड़े कर्ज की उम्मीद नहीं थी। ब्याज भुगतान को छोड़कर शुद्ध कर्ज (Net Borrowing) भी 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

बैंकों को क्यों हो रहा है नुकसान? अर्थशास्त्र के जानकारों के अनुसार, जब सरकार बाजार से भारी मात्रा में उधार लेती है, तो बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) बढ़ जाती है। बॉन्ड यील्ड का बढ़ना सरकारी बैंकों के लिए नकारात्मक होता है। उच्च यील्ड के कारण बैंकों के ‘मार्क-टू-मार्केट’ पोर्टफोलियो में भारी ‘ट्रेजरी घाटा’ होने की आशंका बढ़ जाती है। जैसे-जैसे बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, बैंकों के पास रखे सरकारी बॉन्ड्स की कीमतें गिरती हैं, जिससे उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ता है। यही कारण है कि बजट भाषण खत्म होने से पहले ही निवेशकों ने सरकारी बैंकों से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में ‘पैनिक सेलिंग’ की स्थिति बन गई।

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