गुटखा और पान मसाला के शौकीनों को लगेगा बड़ा झटका क्योंकि अब नए नियमों से बढ़ जाएंगी कीमतें
February 1, 2026

सरकार ने गुटखा, पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू पर टैक्स वसूलने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन उत्पादों पर टैक्स उत्पादन लागत के बजाय सीधे एमआरपी के आधार पर लगाया जाएगा। इसके साथ ही उत्पादन क्षमता के अनुसार स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर भी जोड़ा गया है। इस फैसले से बाजार में तंबाकू उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है।
नई व्यवस्था के तहत गुटखा पर ९१ प्रतिशत और जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू पर ८२ प्रतिशत उत्पाद शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं पान मसाला पर जीएसटी और सेस मिलाकर कुल टैक्स का बोझ ८८ प्रतिशत तक पहुंच सकता है। सरकार का यह सख्त कदम तंबाकू के बढ़ते सेवन को रोकने और कर प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।