“क्या वित्त मंत्री इकोनॉमिक सर्वे पढ़ना भूल गईं?” 2026 के बजट पर पी. चिदंबरम का निर्मला सीतारमण पर तीखा हमला

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने वित्त वर्ष २०२६-२७ के बजट को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर कड़ा प्रहार किया है। चिदंबरम ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) को या तो पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है या उसे पढ़ा ही नहीं है। उन्होंने इस बजट को केवल ‘राजस्व और व्यय का विवरण’ मात्र बताया और कहा कि इसमें भविष्य के लिए कोई ठोस विजन नहीं है।

मीडिया से बात करते हुए चिदंबरम ने उन १० प्रमुख चुनौतियों का जिक्र किया, जिन पर बजट पूरी तरह मौन है। इनमें अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, निजी क्षेत्र के निवेश में कमी, एफडीआई (FDI) की अनिश्चितता और युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री केवल नई योजनाओं और समितियों की संख्या बढ़ाने में व्यस्त हैं, जिनमें से २४ योजनाओं की उन्होंने खुद गिनती की है। उन्होंने सवाल उठाया कि इनमें से कितनी योजनाएं अगले साल तक टिक पाएंगी? इसके अलावा, चिदंबरम ने तमिलनाडु के प्रति केंद्र के “सौतेले व्यवहार” की कड़ी निंदा की और इसे क्षेत्रीय भेदभाव से भरा ‘खोखला’ बजट करार दिया।

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