चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट! रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद औंधे मुंह गिरे दाम, क्या और सस्ता होगा ‘सफेद सोना’?

पिछले एक साल से निवेशकों को मालामाल करने वाली चांदी की रफ्तार पर अब ब्रेक लग गया है। जनवरी के अंत में चांदी की कीमतों में करीब २७% और सोने में ९% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को बाजार बंद होते समय चांदी गिरकर ८४ डॉलर प्रति औंस पर आ गई, वहीं सोने की कीमत ४,८६५ डॉलर के करीब रही। इस अचानक आए बदलाव ने सर्राफा बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका में मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व का चेयरमैन नामित किए जाने के बाद ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब ‘गोल्ड-सिल्वर रेशियो’ ५० के नीचे चला जाता है, तो यह चांदी के महंगा होने का संकेत होता है, जिसके बाद हमेशा बड़ी गिरावट देखी गई है। वर्तमान में यह रेशियो ५७ पर पहुंच गया है। जानकारों का मानना है कि यदि यह कमजोरी बनी रही, तो जून २०२६ के अंत तक चांदी ५० डॉलर (लगभग २ लाख रुपये) तक गिर सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय चांदी में आंशिक मुनाफा वसूली (Profit Booking) करना और निवेश को सोने में शिफ्ट करना पोर्टफोलियो के लिए सुरक्षित रणनीति हो सकती है।