आसनसोल में हंगामा: शवयात्रा की तरह बैंड लेकर सुनवाई केंद्र पहुंचे कांग्रेस नेता, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता कार्ड (SIR) सुनवाई के दौरान आसनसोल में एक बेहद विचित्र नजारा देखने को मिला। आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 25 के कांग्रेस पार्षद एसएम मुस्तफा ने सुनवाई की प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों का सहारा लिया। पार्षद और उनके समर्थक बाकायदा पटाखे फोड़ते हुए और बैंड बजाते हुए सुनवाई केंद्र पहुंचे, जिसे देखकर स्थानीय लोग दंग रह गए।

विरोध का अनोखा तरीका: पार्षद मुस्तफा को आसनसोल उत्तर विधानसभा के धादका एनसी लाहिड़ी स्कूल में सुनवाई के लिए बुलाया गया था। उनके वार्ड के कई अन्य निवासियों को भी इसी तरह के नोटिस मिले थे। मुस्तफा का कहना है कि यह आम जनता को परेशान करने की साजिश है। इसी के विरोध में उन्होंने बैंड पार्टी बुलाई और एक जुलूस की शक्ल में सुनवाई केंद्र पहुंचे।

‘बुद्धि की मृत्यु’ का प्रतीक: जब उनसे पूछा गया कि वे बैंड लेकर क्यों आए, तो मुस्तफा ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “हमारी परंपरा में जब किसी बुजुर्ग की मृत्यु होती है, तो बैंड बजाकर उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाती है। हमें लगता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बुद्धि की मृत्यु हो गई है। इसलिए हम उनकी बुद्धि का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने बैंड-बाजे के साथ आए हैं।”

पार्षद के आरोप: मुस्तफा ने कहा कि एक पार्षद होने के नाते उन्होंने पहले ही चुनाव आयोग को सारे दस्तावेज दे दिए हैं, फिर भी उन्हें बार-बार बुलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है और जनता को बेवजह कतारों में खड़ा करके परेशान किया जा रहा है।

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