“जरूरत पड़ी तो 1 लाख लोगों को दिल्ली लाऊंगी!” चुनाव आयोग की चौखट से ममता की बड़ी चेतावनी

दिल्ली के निर्वाचन सदन में सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बीच हुई बैठक में भारी तनाव देखा गया। बैठक के बाद काले शाल में विरोध जताते हुए बाहर निकलीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को “अहंकारी”, “झूठा” और “तानाशाह” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय बीजेपी के इशारों पर चल रहा है।
AI और डेटा से छेड़छाड़ का आरोप: ममता बनर्जी ने दावा किया कि आधुनिक एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके बंगाल के लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “चुनाव से ठीक 3 महीने पहले ही SIR क्यों? असम या अन्य बीजेपी शासित राज्यों में यह प्रक्रिया क्यों नहीं की गई?” ममता ने इसे बंगाल के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि जीवित वोटरों को कागजों पर मृत घोषित कर दिया गया है।
आंदोलन की चेतावनी: ममता बनर्जी अपने साथ उन 50 परिवारों को भी दिल्ली ले गई थीं, जिनका दावा है कि वे SIR की गड़बड़ी के शिकार हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर दिल्ली पुलिस के जरिए डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया। ममता ने साफ कर दिया कि अगर चुनाव आयोग ने अपना रवैया नहीं बदला, तो वह 1 लाख समर्थकों के साथ दिल्ली में डेरा डालेंगी।