डनकुनी से सूरत तक दौड़ेगी मालगाड़ी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का पश्चिम बंगाल के लिए बड़ा धमाका

भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चालू बजट में ₹2,78,000 करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन की घोषणा की है। यह निवेश रेलवे के आधुनिकीकरण और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के लिए ₹14,205 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो राज्य के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर: सबसे महत्वपूर्ण घोषणा पटना के रास्ते वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड कॉरिडोर को लेकर है। यह कॉरिडोर भविष्य में बुलेट ट्रेन चलाने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी की परिभाषा बदल जाएगी। भविष्य में इस नेटवर्क को गुवाहाटी तक विस्तारित करने की योजना है, जो पूर्वोत्तर भारत के लिए एक लाइफलाइन साबित होगा।

माल ढुलाई और व्यापार को बढ़ावा: व्यापारिक दृष्टिकोण से ‘डनकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर’ एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात को जोड़ेगा। इससे न केवल माल ढुलाई के समय में कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक रसद (logistics) प्रणाली भी अत्यधिक कुशल बनेगी।

मेट्रो और स्टेशनों का कायाकल्प: कोलकाता मेट्रो की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि 1972 से 2014 के बीच केवल 27 किमी लाइन बिछाई गई थी, जबकि पिछले 11 वर्षों में 45 किमी नई लाइन जोड़ी गई है। साथ ही, ‘अमृत भारत स्टेशन’ योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 100 से अधिक स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है। पिछले एक साल में बंगाल में एक दर्जन से अधिक नई ट्रेनें शुरू की गई हैं। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देउस्कर ने भी इन उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *