हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर! बंगाल में मेट्रो विस्तार पर सियासत तेज, रेल मंत्री ने खोली फाइलों की पोल

कोलकाता के सबसे लंबे मेट्रो रूट ‘ऑरेंज लाइन’ (न्यू गरिया से एयरपोर्ट) का भविष्य अब अधर में लटकता नजर आ रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के असहयोग के कारण यह प्रोजेक्ट ठप पड़ा है। चिंगरीघाटा इलाके में काम शुरू करने के लिए हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति नहीं दे रही है।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में देरी: मेट्रो के महाप्रबंधक एसएस मिश्रा के अनुसार, अब यह प्रोजेक्ट २०२८ के मध्य तक ही पूरा हो पाएगा। चिंगरीघाटा में केवल ३६६ मीटर का काम बाकी है, जिसके पूरा होते ही यात्री सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। रेलवे का दावा है कि उन्होंने वैकल्पिक सड़क भी बना दी है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से राज्य सरकार काम शुरू करने की अनुमति देने में आनाकानी कर रही है।
बजट में बंगाल को क्या मिला? विवादों के बीच केंद्र ने बजट में कोलकाता मेट्रो के लिए भारी धनराशि आवंटित की है। ऑरेंज लाइन को ७०५.५० करोड़ और पर्पल लाइन को ९०६.६० करोड़ रुपये मिले हैं। साथ ही, बंगाल को सिलीगुड़ी-वाराणसी बुलेट ट्रेन और दानकुनी-सूरत फ्रेट कॉरिडोर की सौगात भी मिली है, जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।