आर-पार की जंग में पीसीएस अलंकार अग्निहोत्री! सस्पेंशन को हाईकोर्ट में देंगे चुनौती, दिल्ली मार्च का ऐलान

बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट और चर्चित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रयागराज पहुंचे अग्निहोत्री ने संकेत दिए हैं कि वे अपने निलंबन (Suspension) के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। सोमवार को उन्होंने वकीलों के साथ बैठक कर कानूनी विकल्पों पर चर्चा की। अग्निहोत्री वही अधिकारी हैं जिन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को स्नान से रोकने के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

केंद्र सरकार पर सीधा हमला अलंकार अग्निहोत्री ने न्यूज 18 से बातचीत में एससी-एसटी एक्ट की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे सामान्य वर्ग के लिए ‘काला कानून’ करार दिया और केंद्र सरकार की तुलना ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ से कर दी। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि सरकार 6 फरवरी तक विशेष सत्र बुलाकर इस कानून को रद्द नहीं करती है, तो वे 7 फरवरी को दिल्ली के लिए पदयात्रा शुरू करेंगे।

राजनीति और भविष्य की रणनीति अग्निहोत्री ने फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने सवर्ण समाज के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें यूजीसी बिल और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में खड़ा होना चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि जहां वे केंद्र सरकार पर हमलावर हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति उनका रुख नरम बना हुआ है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे और अब उनकी लड़ाई सड़कों पर होगी।

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