ढाका-चटगांव पर मंडराया संकट! नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने जारी किया अलर्ट, जानें कितनी थी गहराई

ढाका: मंगलवार की भोर में बांग्लादेश में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब धरती अचानक कांपने लगी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, सुबह ०४:०६:४६ (IST) बजे ४.१ तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है, लेकिन नींद में डूबे लोगों के लिए यह झटका डराने वाला था।

भूकंप का केंद्र और तीव्रता: एनसीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से १५० किलोमीटर की गहराई में था। इसकी स्थिति २२.८४ उत्तर अक्षांश और ८९.०१ पूर्व देशांतर पर दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ४.१ की तीव्रता भले ही कम लगे, लेकिन यह लगभग ६ टन टीएनटी विस्फोट के बराबर ऊर्जा पैदा करती है। यदि इसकी तीव्रता ५ या ७ तक पहुंचती, तो विनाश की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

खतरे के मुहाने पर खड़ा देश: भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से बांग्लादेश दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। यह देश इंडियन, यूरेशियन और बर्मा टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है। वर्तमान में इंडियन प्लेट हर साल ६ सेमी की गति से उत्तर-पूर्व की ओर खिसक रही है, जिससे बड़े भूकंप की संभावना बढ़ गई है। बांग्लादेश के १३ क्षेत्र भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील हैं, जिनमें चटगांव और सिलहट ‘रेड जोन’ में आते हैं। वहीं ढाका, अपनी अत्यधिक जनसंख्या के कारण दुनिया के २० सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल है।

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