संसद में नियम 349 पर संग्राम! जनरल नरवणे की ‘अप्रकाशित’ किताब को लेकर राहुल और सरकार में भिड़ंत

लोकसभा में बजट सत्र के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) का हवाला देने की कोशिश की। राहुल गांधी डोकलाम और गलवान में चीन के साथ हुए गतिरोध पर सरकार को घेरना चाहते थे, लेकिन सत्ता पक्ष ने ‘नियम 349’ का हवाला देते हुए उन्हें बीच में ही रोक दिया।
नियम 349 और विवाद का कारण: नियम 349 (i) के अनुसार, कोई भी सदस्य सदन में ऐसी सामग्री नहीं पढ़ सकता जो सदन की वर्तमान कार्यसूची से संबंधित न हो। स्पीकर ओम बिरला ने व्यवस्था दी कि किसी भी अप्रमाणित या अप्रकाशित किताब के अंश तब तक नहीं पढ़े जा सकते जब तक उन्हें सदन के पटल पर प्रमाणित करके न रखा जाए। राहुल गांधी ने दलील दी कि वे एक मैगजीन लेख से कोट कर रहे हैं, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमित शाह ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताया।
राहुल गांधी का आरोप: संसद के बाहर राहुल गांधी ने कहा, “सरकार डरी हुई है क्योंकि इस किताब में 2020 के चीनी संघर्ष के दौरान पीएम मोदी और रक्षा मंत्री की नाकामियों का सच छिपा है।” दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि राहुल गांधी बिना वेरिफाई किए दावों को फैलाकर संसद की गरिमा गिरा रहे हैं। इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और शशि थरूर ने राहुल का समर्थन करते हुए सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है।