भारत-अमेरिका डील: जयशंकर-गोयल की जोड़ी के सामने वॉशिंगटन से कौन खेल रहा था ‘मैच’?

भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। जहां भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल मोर्चे पर डटे थे, वहीं अमेरिका की ओर से सबसे अहम भूमिका निभाई नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने। सर्जियो गोर को डोनाल्ड ट्रंप का ‘आंख और कान’ माना जाता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पर्दे के पीछे की सक्रियता के बीच सर्जियो गोर ने दिल्ली में रहकर इस डील को अंजाम तक पहुँचाया। ताशकंद में जन्मे और अमेरिका में अपनी राजनीतिक पहचान बनाने वाले 38 वर्षीय गोर ट्रंप के सबसे भरोसेमंद दूतों में से एक हैं। जनवरी में भारत आने के बाद से ही उन्होंने टैरिफ विवाद सुलझाने को अपनी प्राथमिकता बताया था।

सर्जियो गोर ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल की पुष्टि करते हुए इसे ‘दोस्त और सम्मान’ का प्रतीक बताया। उनका मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि सामरिक सहयोग की भी ‘असीम संभावनाएं’ हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गोर की ट्रंप से सीधी निकटता ने ही भारत के साथ इस जटिल सौदे को सफल बनाया।

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