कल्याणी स्टेडियम में धमाका! 23 साल के लड़के ने कॉर्नर से सीधे दागा गोल, आई-लीग क्लबों में मची कौस्तव के लिए होड़

कोलकाता का मैदान हमेशा से ही नए सितारों को जन्म देता आया है। लेकिन कल्याणी स्टेडियम में बंगाल सुपर लीग (BSL) के फाइनल में जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। जेएचआर रॉयल सिटी और हावड़ा-हुगली वॉरियर्स के बीच मुकाबला 2-2 की बराबरी पर था। मैच अतिरिक्त समय (Extra Time) में पहुंच चुका था। तभी हावड़ा-हुगली के मिडफील्डर कौस्तव दत्त ने कॉर्नर से एक ऐसा घुमावदार शॉट लिया कि गेंद सीधे गोलकीपर के हाथों को छूते हुए जाल में जा धंसी। इसे फुटबॉल की दुनिया में ‘ओलंपिक गोल’ कहा जाता है, और इसी एक गोल ने हावड़ा-हुगली को चैंपियन बना दिया।
इस जीत के साथ ही ‘हरे तोते’ के नाम से मशहूर जोस रामिरेज़ बेरेटो ने बतौर कोच अपने पहले ही सीजन में खिताब का स्वाद चखा। बेरेटो के मार्गदर्शन में कौस्तव दत्त अब मैदान की सबसे बड़ी चर्चा बन गए हैं।
चोट और संघर्ष की दास्तान: न्यूटाउन के रहने वाले 23 वर्षीय कौस्तव के पिता एक पंप ऑपरेटर हैं। कौस्तव ने रिलायंस यूथ टीम और हैदराबाद एफसी की यूथ टीम से अपनी शुरुआत की थी। कालीघाट की ओर से शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें ईस्ट बंगाल ने अपनी टीम में शामिल किया था, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनका करियर खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था। बंगाल सुपर लीग उनके लिए वापसी का जरिया बनी, जहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 4 गोल किए।
भारतीय फुटबॉल का भविष्य: ऐसे समय में जब भारतीय फुटबॉल और आईएसएल के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, इस 8-टीमों वाले टूर्नामेंट ने नई प्रतिभाओं को मंच दिया है। टीम के अध्यक्ष राजीव बनर्जी का लक्ष्य बंगाल की इस टीम को और ऊंचाइयों पर ले जाना है। वहीं, फाइनल के बाद से ही आई-लीग के कई बड़े क्लब कौस्तव को साइन करने के लिए कतार में हैं। कौस्तव की यह उड़ान साबित करती है कि अगर प्रतिभा और सही मार्गदर्शन (बेरेटो जैसे कोच का) मिले, तो कोई भी खिलाड़ी राख से उठकर आसमान छू सकता है।