विधायक के रूप में नई शुरुआत! पार्थ चटर्जी को आवास और आपदा प्रबंधन समिति में मिली जगह

शिक्षक भर्ती घोटाले में करीब तीन साल की जेल काटकर लौटे पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को विधानसभा में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक फेरबदल के तहत बेहाला पश्चिम के विधायक पार्थ को विधानसभा की कई महत्वपूर्ण समितियों का सदस्य नियुक्त किया गया है।
समितियों में चयन: नियमों के अनुसार, कोई भी मंत्री स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य नहीं हो सकता। चूंकि पार्थ चटर्जी अब मंत्री पद पर नहीं हैं, इसलिए उन्हें विधानसभा की लाइब्रेरी कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा, उन्हें आवास, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी स्टैंडिंग कमेटी में भी जगह दी गई है।
मामला एक नजर में: जुलाई २०२२ में ईडी ने पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था और २०२५ में वे जेल से रिहा हुए। जेल से आने के बाद उन्होंने अपनी विधानसभा के लोगों को भावुक पत्र भी लिखा था। अब वे एक साधारण विधायक के रूप में सदन की कार्यवाही और समितियों के काम में हिस्सा लेंगे।