शुभेंदु अधिकारी का ममता सरकार को अल्टीमेटम: “३१ मार्च तक जमीन दो, वरना परिणाम भुगतने होंगे!”

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरते हुए एक बड़ी समय सीमा तय कर दी है। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार को ३१ मार्च तक ९ सीमावर्ती जिलों में अधिगृहित जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपनी होगी। उन्होंने राज्य सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया।
शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए ५ बार आवेदन किया और मुआवजे की राशि भी दे दी, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक जमीन हस्तांतरित नहीं की है। उन्होंने तीखा सवाल किया, “क्या ममता बनर्जी सरकार वोट बैंक की राजनीति और रोहिंग्या घुसपैठियों को रास्ता देने के लिए जानबूझकर बाड़ लगाने के काम में देरी कर रही है?” शुभेंदु ने आरोप लगाया कि बंगाल की २,२१६ किलोमीटर लंबी सीमा के कई हिस्से अभी भी असुरक्षित हैं, जिससे अवैध तस्करी और घुसपैठ बढ़ रही है।
शुभेंदु का यह बयान कोलकाता हाई कोर्ट के उस फैसले के संदर्भ में आया है, जिसमें मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने राज्य सरकार को ३१ मार्च २०२६ तक जमीन हैंडओवर करने का कड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव या एसआईआर (SIR) का काम सुरक्षा व्यवस्था में बाधा नहीं बनना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि ३१ मार्च तक जमीन नहीं दी गई, तो नबन्ना (सचिवालय) को अदालत की अवमानना और जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। बीजेपी ने इसे आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक प्रमुख मुद्दा बना लिया है।