ट्रंप-मोदी डील का धमाका: डॉलर के मुकाबले १.२२ रुपये मजबूत हुआ रुपया, एशियाई मुद्राओं में बना ‘किंग’!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते ने भारतीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। इस समझौते के लागू होते ही मंगलवार को विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले १२२ पैसे या १.३३ प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाई। एक अमेरिकी डॉलर की कीमत अब ९०.२७ रुपये (अस्थायी) पर आ गई है। इस शानदार बढ़त के साथ रुपया आज एशिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क (Tariff) को ५० प्रतिशत से घटाकर १८ प्रतिशत करना एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हुआ है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के एमडी अनिल कुमार बंसाली के अनुसार, १८ प्रतिशत का टैरिफ भारत को पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान की तुलना में बढ़त दिलाएगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। लंबे समय से बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब फिर से भारतीय बाजार की ओर रुख कर सकते हैं।
इस खबर का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स २,१३८.०८ अंक यानी २.६२ प्रतिशत बढ़कर ८३,৮०४.५४ के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी ६०७ अंक उछलकर २५,६९५.४० पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते रुपया ९२ के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर था, लेकिन व्यापार संधि ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने से भी रुपये को मजबूती मिली है। अब बाजार की नजरें आरबीआई के अगले रुख पर टिकी हैं।